भिंडी स्वाद और सेहत का कुदरती संगम
भिंडी स्वाद और सेहत का कुदरती संगम
नमस्कार दोस्तो स्वागत है आप का
हमारे देश में भिंडी मुख्या सब्जी के रूप में लगभग हर बाजार में और हर रसोई में पायी जाती है इतने आसानी से प्राप्त होने वाली भिंडी इंसानी स्वस्थ्य के लिए बेहद फायदे मंद है .हम इसे नियमितता से हमारे आहार का हिस्सा बना चुके है पर इस के फायदे और स्वाथ्यवर्धक गुणों के बारे में कुछ नहीं जानते आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से भिंडी के गुणों के बारे में चर्चा करेंगे
भिंडी भारतीय व्यंजनों का पारम्परिक स्रोते है यह वनस्पति वर्गे में आती है भिंडी से हमे प्रकृतिक स्रोत प्राप्त हो सकते है।भिंडी खाने में चिगट या चिपचिपी होती है जो इसके अंदर से निकलने वाले लिक्विड के कारन होती है यही चिपचिपा पन भिंडी को मानवी स्वस्थ्य के लिए बेहद उपयोगी और लाभकारी बनता है भींडी का उपयोप दुनियाभर में विविध प्रकार से विविध व्यंजनों में किया जाता है भारत में भिंडी के प्रमुख पदार्थ जैसे भिंडी की सब्जी, मसाला भिंडी, भरमा भिंडी आदि है
आइए जानते है भिंडी से होने वाले फायदों के बारे में
1)पाचन :- भिंडीं में पाए जाने वाला फायबर पाचन प्रणाली को सुधारने में मदत करता है। साथ ही कब्ज , पाचन , गैस जैसी समस्या को कम करता है।
2)मधुमेह :-भिंडी में ग्लायसेमिक इंडेक्स कम होता है यह रक्त में मौजूद शर्करा नियंत्रित करने में मदत करता है। भिंडी का नियमित और संतुलित सेवन मधुमेह के रोगियों के लिए फायदेमंद है
3)हृदय स्वास्त ;- भिंडी में फायबर ,पोटासियम , मग्नेशियम अच्छी मात्रा में होता है जो हृदय विकार के खतरे को कम करता है।
4)रोगप्रतिकारक शक्ती :- भिंडी में विटामिन सी , विटामिन विटामिन ए ,एन्टीऑक्सिडेट और अन्य पोषक तत्वे पाए जाते है जो शरीर की रोगप्रतिकारक शक्ति को बढ़ने में मदत करता है।
5)वजन कम करने में लाभकारी :- भिंडी में कम कॅलेरी और ज्यादा फायबर पाया जाता है इसी कारन भिंडी भूक का एहसास होने नहीं देती और वजम कम करने में लाभकारी पाई जाती है।
6)आंत्र की मजबूती :- जैसे हमने देखा भिंडी पाचन प्रणाली को मजबूत बनती है इसी के साथ भिंडी में मौजूद फायबर पाचन प्रणाली के साथ साथ आंत्र के स्वास्त को बनाय रखने में मदत करते है। भिंडी में एक्टीन , विटामिन ए और पोषक तत्व जो आंत्रिक रोगो से सुरक्षा करता है साथ ही पोटासियम , एन्टीऑक्ससाईड , विटामिन इ ,विटामिन सी , आंत्रिक विकारो से लड़ने में मदत गार है।
7)त्वचा के लिए लाभदायक :- भिंडी में विटामिन सी ,एन्टीऑक्सिडेट अन्य पोषक्तत्वे है जो त्वचा के स्वास्त को बढ़ावा देते है ताजगी और दाब धब्बे से रहत दिलाते है।
8) मस्तिक स्वास्त :- भिंडी में पाए जाने वाले विटामिन के ,विटामिन बी 6 और फोलेट याददाश्त को बढ़ता है मस्तिक की सयोजन क्षमता और स्वास्त को बढ़ावा देता है।
9)आखे :- भिन्डी में पाए जाने वाले जे-जी केरोटीन , लुटीन , विटामिन सी , विटामिन ए आखो के लिए महत्वपूर्ण तथा फायदेमंद है जो हमारी आखो को स्वास्त और विकारो से दूर रखता है।
अब तक हमने इस आर्टिकल द्वारा भींडी से होने वाले लाभों के बारे में चर्चा की अब हम भिंडी से होने वाले कुछ नुक्सान के बारे में जानेगे वैसे भिन्डी स्वास्त के लिए काफी फायदेमंद है इस से होने वाले नुक्सान हर इंसान को नहीं होते कुछ लोगो को होते है जिनके स्वास्त से भिंडी मेल नहीं खाती।
1)पाचन और गैस की समस्या :- यदि किसी व्यक्ति को भिंडी खा ने के बाद अपचन या गैस जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। तो भिंडी का सेवन कम करना चाहिए या भिंडी को पकने का तरीका बदलना चाहिए।
2)ऑक्सलेट ऑटो नमक केमिकल :- भिंडी में ऑक्सलेट ऑटो नामका केमिकल पाया जाता है जो ताजगी को नष्ट करता है या उसे कड़वा बना सकता है। इसी लिए भिन्डी को पकने से पहले उसे अच्छे से धो ले और अच्छी तरह पकने दे
3)अलेर्जी :- यह काफी साधारण सा प्रोब्ल्र्म है कुछ लोगो को भिंडी के सेवन के बाद त्वचाः का लाल होना , चट्टे , खुजली ,सास लेने में तकलीफ जैसी समस्या का सामना करता पड़ता है। ऐसी हालत में आप को भिंडी का सेवन नहीं करना चाहिए।
भिंडी एक प्राकृतिक पोषण से भरी हरी सब्जी है जो फायबर विटामिन खनिजों से भरपूर है साथ ही इसमें कैलरी की मात्रा बहोत कम है। जो स्वस्थ को एक संतुलित तत्वों का मिश्रण प्रदान करती है। यह पाचन को सुधरती है डाईबेटिस को नियंत्रित करती है हृदय स्वस्थ्य में लाभकारी है हमने इसी आर्टिकल में देखा भिंडी आंत्रों को मस्तिक और आखो को स्वस्त रखती है और त्वचा के लिए भी उपयोगी है। भलेही कुछ लोगो को भिंडी के सेवन से नुकसान का सामना करना पड़ता है जैसे अलेर्जी ,गैस , एसिडिटी कुछ लोगो को भिंडी का स्वाद पसंद नहीं आता है इन सब के बावजूद भिंडी एक स्वास्थ्यपूर्ण और लाभकारी आहार का स्रोते है . आशा करता हूँ आप को इस आर्टिकल की जानकारी पसंद आयी होगी। और आप के स्वास्थ के लिए लाभकारी होगी।



Post a Comment